१)"आज ये झोंके हवा के तेरी खुशबु लाये है
यूँ लगा है फिर से जैसे हम जंवा हो आये है "
२)" मेरी गजलों से आती है ये कैसी खुशबु
कल भी उसने चूम कर शायद इन्हें रख्खा होगा "
३) "मै परेशां हूँ ,उसे कह भी नहीं पाता हूँ
मुस्कुराता हूँ मगर वो समझ ही जाती है "
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