आदरणीय सपन सर ....जीवन में अक्सर ऐसा होता हैं न ...हम बड़ी -बड़ी समस्याओं के बड़े-बड़े हल ढूढने की कोशिश करते है ....और असफल हो जाते है ....क्यूंकि हम समस्या के मूल का नहीं ....समस्या के बाह्य स्वरुप का आकलन कर रहे होते है ..मूल में जाने पर पाते है ...समस्या बड़ी सही ....हल तो बहुत मामूली था ..सादर।।।
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