Sunday, December 16, 2012

" कल की वो सहमी सी लड़की ,आज लापरवाह सी
   जुगनुओं को रौशनी का,ये पता किसने दिया .......आदरणीय दीपिका जी ...आप महिला मित्रों की इस आधुनिक मंच पर सक्रियता .....और गंभीर उपस्थिति ....साथ ही गंभीर गहन सृजन ....को देख कर ही कभी मन से निकला था ...आप महिला होने के गुण दोषों के कारण यहाँ नहीं है ...आप अपनी सार्थकता //अपने सामर्थ्य के कारण यहाँ है ... इसका आदर होना चाहिए ....और है भी ....बस आज इतना ही ...पुनः विषय पर लौटते हैं .....सादर ..........

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