मीडिया मतलब माध्यम ....काफी पहले कहीं पढ़ा था ....हमारी ही तरह शब्द भी कितनी तेजी से अपने अर्थ बदलते जा रहे है ...दुःख होता है यह सब देख-सुनकर ....कवि होने का भ्रम पाले बैठा हूँ ....कविता में ही कहूँगा " मै जानता हूँ एक दिन निज़ाम बदलेगा
ये ज़मीं बदलेगी वो आसमान बदलेगा
हवा बदलेगी और बदलेंगे मौसमी तेवर
वक़्त की बज़्म में किस्सा तमाम बदलेगा ............
ये ज़मीं बदलेगी वो आसमान बदलेगा
हवा बदलेगी और बदलेंगे मौसमी तेवर
वक़्त की बज़्म में किस्सा तमाम बदलेगा ............
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